ठाकुर श्रीजी की असीम कृपा, गुरु महाराज जी की अनुकंपा एवं संत-महात्माओं के पावन आशीर्वाद से ब्रज चौरासी कोस यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण हुई।